पढ़ो
घर पर मम्मी कहती है पढ़ो।
स्कूल में सर कहते है पढ़ो।
छुट्टी आने पर पापा कहते।
गाँव जाने पर दादी कहती है पढ़ो।
ढाणी आकर दादा कहते है पढ़ो ।
पर मेरा दिल कभी नहीं कहता की पढ़ो .....!😁😁
मन पूछता है की क्यों कहते है की पढ़ो ?😕😕
क्या होगा पढ़कर .....?
कहाँ काम आएगी पढ़ाई .....?
किसान ने तो नहीं पढ़ाई .....!
फिर भी खेती करता है।
जनता का पेट भरता है।
ब्याज देकर पूरा हिसाब लेता है लेता है।
हिसाब ..... .....
बिना पढ़ाई उसे हिसाब भी तो आता है।
फिर क्या है यह पढ़ाई .....?
कहाँ काम आएगी पढ़ाई ..... .....?
- poem by Garima Kanwar
7.11 # padho😁😁
me to is padhayi se thak gayi hoon .
kya aap bhi ..... .....
😁😁😁😁


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