poem about देशभक्ति in hindi

 देशभक्त ( अफसोस )


पूछो तो कहते है की देशभक्त हूँ मैं ,

पर अफसोस बच्चा इस वक़्त हूँ मैं ,

कहते है IPS बनकर ये करूंगा ,

आर्मी में जा देश के लिए मरूँगा ,

मैं दुश्मनों से नहीं डरूँगा ,

पर अफसोस बच्चा इस वक़्त हूँ मैं ।

पूछो तो कहते है की देश भक्त हूँ मैं ।।

अगर बन गया प्रधानमंत्री ,

तो हर परिवार को मिलेगी सर ढकने के लिए छतरी ,

पर अफसोस बच्चा इस वक़्त हूँ मैं ।

पूछो तो कहते है की देशभक्त हूँ मैं ।।

अगर राष्ट्रपति मैं बनूँगा ,

आतंक से डरकर चुप मैं न रहूँगा ,

आतंक के डर को देश से में भगाऊँगा ,

पर अफसोस बच्चा इस वक़्त हूँ मैं ।

पूछो तो कहते है की देशभक्त हूँ मैं ।।

अरे ! मैं  कहती हूँ बच्चे इस वक़्त हो तुम ,

अपने को पहचानो की सख्त हो तुम ,

अगर मेरी बात तुम मान लो ,

दिल में ये तुम ठान लो ,

तो देशभक्त हो तुम ।

क्यों की बच्चे इस वक़्त हो तुम ।।

अगर दिल के सच्चे हो तुम ,

अपने वचन के पक्के हो तुम ,

तो देश भक्त हो तुम ।

क्यों की बच्चे इस वक़्त हो तुम ।।

भविष्य हो तुम देश के ,

भले हो तुम किसी भी परदेश के ,

अगर ऊंचाई ( प्रगति ) पर अग्रसर हो तुम ….

तो देशभक्त हो तुम ।

क्यों की देशभक्त हो तुम ।।

- a poem by Garima Kanwar to you my friends.

     

thanks for visit here.

hope...we'll meet soon .

thankyou.



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