क्या जमाना आ गया ?
क्या जमाना आ गया ?
एकल परिवार संयुक्त परिवार का स्थान पा गया !
माँ बाप सोचते है हमने बच्चों को बहुत कुछ दिया है।
लकिन
उनसे तो बचपन में ही दादा - दादी का प्यार छीन लिया है।
ये हर उसने किया गुनाह है .......
जिसने बच्चों को दादा - दादी से दूर किया है।
तभी तो कहते है.... !
क्या जमाना आ गया ?
एकल परिवार संयुक्त परिवार का स्थान पा गया !
बचपन में ही उन्होंने बच्चों को किया रिश्तों से दूर है।
ये क्या उन्हें नहीं पता........ की बच्चे ही तो रिश्तों का नूर है ....... !
फिर क्योँ करते ........?
बचपन में ही बच्चों को रिश्तों से दूर है ?
क्योँ पहुँच जाते आप सुदूर है
?
क्या इन रिश्तों को छोड़ बाकी
दुनिया उनके लिए भरपूर है ?
धीरे धीरे इसकी बच्चों को आदत सी पड़ जाती है .......!
एकल परिवार की बात उनके दिमाग में गड़ जाती है।
तभी तो कहते है.... !
क्या जमाना आ गया ?
एकल परिवार संयुक्त परिवार का स्थान पा गया !
आजकल के बच्चों से पुराने ज़माने के लोगों से बात करने का छिनता मौका है।
तभी बड़े होकर लोगों से मिलता उन्हें धौका है। ।
फिर लगने लगता है की ज़िन्दगी में मारा इन्होने तो चौका है।
धौका मिलने पर पी लेते cola - coka है। ।
तभी तो कहते है.... !
क्या जमाना आ गया ?
एकल परिवार संयुक्त परिवार का स्थान पा गया !

0 Comments